वाक्य : Vakya | वाक्य की परिभाषा, वाक्य के भेद और उदाहरण | Vakya in Hindi

वाक्य विचार की परिभाषा – जिस प्रकार वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं, उसी प्रकार शब्दों के मेल से वाक्य बनते हैं । हम मन के भावों और विचारों को व्यक्त करने के लिए सार्थक शब्दों को व्याकरण के नियमों में बाँधते हैं, तब वाक्य की रचना होती है ।
यदि हम स्वतंत्र या सार्थक शब्दों को व्याकरण के नियमों में बाँधकर इनका व्यवस्थित समूह न बनाएँ तो ये हमारे मनोभावों को पूर्ण रूप से व्यक्त नहीं कर सकते हैं ।

✦ विशाल पानी पीना ।
✦ तमन्ना नहाना ।
✦ माँ खाना बनाना ।
उपर्युक्त वाक्यों में ये सभी स्वतंत्र शब्द हैं । इनके अपने सार्थक अर्थ भी हैं, परंतु ये हमारे मनोभावों को पूर्ण रूप से व्यक्त नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हमने इन्हें व्याकरण के नियमों के अनुसार व्यवस्थित समूहों में नहीं बाँधा । अब हम इन्हें व्याकरण के नियमों में बाँधकर लिखते हैं

✦ विशाल पानी पीता है ।
✦ तमन्ना नहाती है ।
✦ माँ खाना बनाती है ।
अब इनका अर्थ स्पष्ट हो रहा है, क्योंकि हमने इन्हें व्याकरण के नियमों में बाँधकर वाक्यों की रचना कर दी है ।

वाक्य की रचना के नियम ( Rules of Sentence Formation )

1. वाक्य की रचना कई पदों के सार्थक योग से होती है ।
2. कर्ता और क्रिया के बिना वाक्य अधूरा रहता है ।
3. वाक्य हमारे मनोभावों को पूर्ण रूप से प्रकट करने में समर्थ होना चाहिए ।
4. वाक्य में आने वाले पदों का एक विशेष क्रम होना चाहिए ।

वाक्य के उदाहरण | Vakya Vichar Ke Udaharan 

✦ वाक्य में कर्ता के बाद क्रिया आती है ।
✦ कर्म , क्रिया और कर्ता के बीच में होता है ।
✦ परसर्ग संज्ञा या सर्वनामों के बाद लगाए जाते हैं ।
✦ परसर्ग सर्वनामों में मिलाकर लिखे जाते हैं ।

कभी – कभी कर्ता और क्रिया पद के बिना भी वाक्य बनाया जाता है ;
जैसे –विशाल : तमन्ना , तुम्हारा स्कूल कहाँ है ?

वाक्य के अंग ( Parts of a Sentence )

वाक्य के दो अंग हैं –
( 1 ) उद्देश्य ( Subject )
( 2 ) विधेय ( Predicate )

( 1 ) उद्देश्य ( Subject ) – वाक्य का वह अंग जिसके बारे में कुछ कहा जाता है , उद्देश्य कहलाता है ।

( 2 ) विधेय ( Predicate ) – उद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाए , वह ‘ विधेय ‘ कहलाता है ।

वाक्य में उद्देश्य और विधेय के अतिरिक्त भी पद होते हैं । उद्देश्य से जुड़ा अतिरिक्त पद उद्देश्य का विस्तार कहलाता है तथा विधेय से जुड़ा अतिरिक्त पद ‘ विधेय का विस्तार ‘ कहलाता है ।

वाक्य के तीन भेद होते हैं | vakya ke 3 bhed hote hain

वाक्य के दो भेद होते हैं | vakya ke do bhed hote hain
1. संरचना के आधार पर वाक्य के भेद

2. अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

वाक्य ( Vakya)

रचना के आधार पर वाक्य के प्रकार ( Kinds of Sentences Based on Formation )

रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं
( 1 ) सरल वाक्य या साधारण ( Simple Sentences )
( 2 ) संयुक्त वाक्य ( Compound Sentences )
( 3 ) मिश्रित वाक्य ( Complex Sentences )

वाक्य ( vakya)

सरल वाक्य किसे कहते हैं | Simple Vakya kise kahate hain

( 1 ) सरल वाक्य / साधारण वाक्य ( Simple Sentences ) – सरल वाक्यों में केवल एक उद्देश्य तथा एक विधेय होता है।यदि किसी वाक्य में एक से अधिक कर्ता हों तथा उनकी क्रिया भी समान हो तो उस वाक्य को साधारण या सरल वाक्य ही माना जाता है, क्योंकि समान क्रिया वाले समस्त कर्ता एक ही उद्देश्य को दर्शाते हैं। 

साधारण वाक्य के उदाहरण (Sadharan Vakya Ke Udaharan)

✦ विशाल पढ़ता है ।
✦ तमन्ना खेलती है ।
✦ मैं बाजार जाऊँगी ।
✦ गीता खाना बना रही है।
इन वाक्यों मे एक उद्देश्य तथा एक विधेय है

संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं | Sanyukt vakya kise kahate hain

( 2 ) संयुक्त वाक्य ( Compound Sentences ) – इन वाक्यों में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य होते हैं । इनमें उपवाक्य समुच्चयबोधक अव्ययों द्वारा जुड़े होते हैं।
संयुक्त वाक्य में प्रयुक्त सभी वाक्य संयोजक शब्दों किंतु, परंतु, लेकिन, तथा, या, एवं, अथवा, और, बल्कि से जुड़े हुए रहते हैं, लेकिन यह कोई आवश्यक शर्त नहीं है, क्योंकि बिना संयोजक शब्दों के भी संयुक्त वाक्य हो सकता है।

संयुक्त वाक्य के उदाहरण (Sanyukt vakya Ke Udaharan)

✦ वह गया तो था परंतु खाली हाथ लौट आया ।
✦ विशाल स्कूल जाता है और मन लगाकर पढ़ता है ।
✦ तमन्ना पढ़ रही और नीतू नाच रही है ।
इन वाक्यों में परंतु , और शब्द समुच्चयबोधक हैं ; अत : ये संयुक्त वाक्य हैं ।

मिश्रित वाक्य किसे कहते हैं | Mishrit Vakya Kise Kahate Hain

( 3 ) मिश्रित वाक्य ( Complex Sentences ) – इन वाक्यों में एक मुख्य उपवाक्य होता है और एक या एक से अधिक आना उपवाक्य उस पर आश्रित होते हैं । इसमें भी उपवाक्य समुच्चयबोधक अव्ययों द्वारा जुड़े होते हैं

मिश्रित वाक्य के उदाहरण | Mishrit Vakya Ke Udaharan

✦ पिता जी ने कहा कि वे दिल्ली जाएंगे ।
✦ विशाल ने कहा कि मैं रोहित से मिलूँगा ।
इन वाक्यों में 
✦ पिता जी ने कहा – मुख्य उपवाक्य
✦ विशाल ने कहा – मुख्य उपवाक्य
✦ कि – समुच्यबोधक
✦ वे दिल्ली जायेगे – आश्रित उपवाक्य
✦ मैं रोहित से मिलूंगा – आश्रित उपवाक्य

प्रयोग के आधार पर वाक्य के प्रकार ( Kinds of Sentences Based on Uses )

प्रयोग के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं
1. विधिवाचक
2. निषेधवाचक
3. आज्ञावाचक
4. प्रश्नवाचक
5. विस्मयवाचक
6.सन्देहवाचक
7. इच्छावाचक
8. संकेतवाचक

वाक्य ( Vakya )

( 1 ) विधानवाचक वाक्य ( Assertive Sentence ) — वह वाक्य जिनमें क्रिया के करने अथवा होने का सामान्य कथन हो , उन्हें ‘ विधानवाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ वह पढ़ता है ।
✦ सूर्य पूरब से उदय होता है ।

( 2 ) प्रश्नवाचक वाक्य ( Interrogative Sentence ) — वह वाक्य जिनमें प्रश्न किया जाए , उन्हें ‘ प्रश्नवाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ तुम कहाँ जा रहे हो ?
✦ आप क्या कर रहे हो ?

( 3 ) निषेधवाचक वाक्य ( Negative Sentence ) – जिन वाक्यों में क्रिया के न होने अथवा न करने का भाव प्रकट हो , उन्हें ‘ निषेधवाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ वह स्कूल नहीं जाता है ।
✦ बच्चे को मत रुलाओ ।

( 4 ) संकेतवाचक वाक्य ( Conditional Sentence ) – जिन वाक्यों में एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर होता है ; उन्हें संकेतवाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ आप आते तो मैं भी चल पड़ता ।
✦ यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती ।

( 5 ) आज्ञावाचक वाक्य ( Sentence Indicating Command ) – जिन वाक्यों में किसी बात या कार्य के लिए आज्ञा , प्रार्थना या उपदेश का भाव रहता है , उन्हें ‘ आज्ञावाचक संज्ञा ‘ कहते हैं।

✦ अपने से बड़ों का आदर करो ।
✦ अपना गृहकार्य करो ।

( 6 ) संदेहवाचक वाक्य ( Sentence Indicating Doubt ) – जिन वाक्यों से संदेह या संभावना प्रकट हो , उन्हें ‘ संदेहवाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ शायद , वह आज आएगा ।
✦ शायद , हम शिमला जाएँ ।

( 7 ) इच्छावाचक वाक्य ( Illative Sentence ) – जिन वाक्यों में इच्छा , आशा , कामना , आशीर्वाद आदि का भाव प्रकट होता है , उन्हें ‘ इच्छावाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ आज तो मैं जलेबी खाऊँगा ।
✦ ईश्वर करे तुम परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करो ।

( 8 ) विस्मयादिवाचक वाक्य ( Exclamatory Sentence ) – जिन वाक्यों में विस्मय , हर्ष , शोक , घृणा आदि भाव प्रकट होता है , उन्हें ‘ विस्मयादिवाचक वाक्य ‘ कहते हैं।

✦ छिः छिः ! कितनी गंदगी है ।
✦ शाबाश ! ऐसे ही सफलता प्राप्त करते रहो ।

सरल वाक्य को मिश्र वाक्य में बदलना –

सरल वाक्यमिश्र वाक्य
सीता नाचती-गाती है। जो नाचती-गाती है , वह सीता है।
रोहन हँसकर बोला।   वह रोहन है जो हँसकर बोला। 
तुम पढ़कर सो जाना।जब तुम पढ़ लेना तब सो जाना।
बादल घिरते ही मोर नाचने लगा।   जैसे ही बादल घिरे , मोर नाचने लगा।
प्रथम आते ही खेलने लगे।     प्रथम जैसे ही आया वह , खेलने लगा।
सूरज के निकलते ही फूल खिल उठे।सूरज निकला  औरफूल खिल उठे।
अभि तथा महेश खेल-कूद रहे हैं।   जो खेल एवं कूद रहे हैं,वे अभि तथा महेश हैं।
अजय पढ़-लिखकर अधिकारी बना।    जैसे ही अजय पढ़-लिखा,वह अधिकारी बन गया।
राहुल थैला लेकर चला गया।  राहुल तब चला गया जब उसने थैला लिया।
वाक्य (vakya )

दोस्तो हमने इस आर्टिकल में Vakya in Hindi के साथ – साथ Vakya kise kahate hain, Vakya ki Paribhasha, Vakya ke bhed के बारे में पढ़ा। हमे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपको यहां Hindi Grammar के सभी टॉपिक उपलब्ध करवाए गए। जिनको पढ़कर आप हिंदी में अच्छी पकड़ बना सकते है।

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