Virodhabhash Alankar : विरोधाभाष अलंकार की परिभाषा और उदाहरण

विरोधाभाष अलंकार की परिभाषा | Virodhabhash Alankar Ki Paribhasha

वास्तविक विरोध न होते हुए भी जहाँ विरोध का आभास प्रतीत हो, यहाँ विरोधाभास अलंकार माना जायेगा।
‘विरोधाभास’ का शब्दार्थ ही है-‘विरोध का आभास देने वाला’।

विरोधाभाष अलंकार के उदाहरण | Virodhabhash Alankar Ke Udaharan

‘मीठी लगै अंखियान लुनाई।’

आँखों का लावण्य मीठा लगता है। लुनाई या लावण्य का अर्थ है नमक का खारापन। खारापन मीठा लगता है, यह विरोध है। पर वस्तुतः विरोध नहीं क्योंकि लुनाई या लावण्य का अर्थ यहाँ नमक का खारापन नहीं है किन्तु फिर भी सुन्दरता प्रतीत होती है।

सुधि आये सुधि जाय ।

सुधि आने में सुधि चली जाती है। यहाँ विरोध दिखायी पड़ता है। पर वस्तुतः विरोध नहीं है क्योंकि वास्तविक अर्थ है सुधि (याद) आने से सुधि (सुध-बुध, चेतना, होश) चली जाती है।

तंत्री-नाद, कवित्त-रस, सरस-राग, रति-रंग ।
अन-बूड़े बूड़े, तरे जे बूड़े सब अंग ॥

वाद्य संगीत, गेय-संगीत, कविता और प्रेम के रंग में जो नहीं डूबे वे डूब गये और जो पूरी तरह डूब गये वे नहीं डूबे -इन कथनों में विरोध दिखायी पड़ता है। पर वस्तुतः विरोध नहीं है क्योंकि वास्तविक अर्थ यह है कि जिन्होंने गहराई में पैठकर इनका आनन्द लिया उनका जीवन सफल हो गया और जिन्होंने गहराई में पैठकर इनका आनन्द नहीं लिया उनका जीवन विफल हो गया।

अचल हो उठते हैं चंचल ।
चपल बन जाते हैं अविचल ।।
पिघल पड़ते हैं पाहन-दल ।
कुलिश भी हो जाता कोमल ।।

मैं अन्धा भी देख रहा हूँ, रोती हो तुम रोती ।
देख रहा हूँ = अनुभव कर रहा हूँ।

वह जीता ही मरा, देश का प्रेम न जिसमें अरे ! भरा ।

‘जीवन ! जीवन !’ की पुकार है, खेल रहा है शीतल दाह । ‘दाह’ (जलन) को ‘शीतल’ बताना भी विरोध का आभास देता है।

सुधि आये सुधि जाय।
सुधि आने में सुधि चल जाती हैं। यहां विरोध दिखाई पड़ता है पर विस्तुतः विरोध नहीं है क्योंकि वास्तविक अर्थ है सुधि(याद) आने पर सुधि चती जाती हैं।
"या अनुरागी चित्त की, गति सम्झै नहिं कोय।
ज्यों ज्यों बूडै स्याम रंग, त्यों त्यों उज्ज्वल होय।।”
यहाँ पर श्याम (काला) रंग में डूबने से उज्ज्वल होने का वर्णन है अतः यहाँ विरोधाभास अलंकार है।
प्रिय मौन एक संगीत भरा।
संगीतपर संगीत के समय चारों ओर ध्वनि का विस्तार होता है किंतु यहां मौन रहकर संगीत का आभास कराना विरोधाभास अलंकार है
विरोधाभाष अलंकार के उदाहरण –
  1. पत्थर कुछ और मुलायम हो गया है।
  2. सोए गए भाग मेरे जानि वा जगन में।
  3. कुकभरी भूकता बुलाय आप बोलिहै।
  4. ’’अवध को अपनाकार त्याग से, वन तपोवन सा प्रभु ने किया।
    भरत ने उनके अनुराग से, भवन में वन का व्रत ले लिया।।’’

दोस्तो हमने इस आर्टिकल में Virodhabhash Alankar in Hindi के साथ – साथ Virodhabhash Alankar kise kahate hain, Virodhabhash Alankar ki Paribhasha, Virodhabhash Alankar ke bhed के बारे में पढ़ा। हमे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपको यहां Hindi Grammar के सभी टॉपिक उपलब्ध करवाए गए। जिनको पढ़कर आप हिंदी में अच्छी पकड़ बना सकते है।

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