Kavyalinga Alankar : काव्यलिंग अलंकार किसे कहते हैं और उदाहरण

काव्यलिंग अलंकार की परिभाषा –

जहाँ पर लिंग (कारण) सहित किसी सिद्धान्त या कथन का प्रतिपादन हो या सत्यता प्रकट की जाय, वहाँ काव्यलिंग अलंकार होता है।

इसमें प्रायः दो वाक्य होते हैं, एक में कोई बात कही जाती है, दूसरे में उसके समर्थक हेतु का कथन होता है। पर दो वाक्यों का होना आवश्यक नहीं ! (समर्थक हेतु = पुष्टि करने वाला कारण)

काव्यलिंग अलंकार के उदाहरण | Kavyalinga Alankar Ke Udaharan

कनक कनक तें सौ गुनी मादकता अधिकाइ ।
वह खाये बौरात जग, यह पाये बौराइ ॥

प्रथम चरण में यह बात कही गयी कि सोने में धतूरे की अपेक्षा सौ गुनी अधिक मादकता होती है। दूसरे चरण में इस कथन का समर्थकं हेतु बताया गया है कि आदमी धतूरे के खाने से पागल होता है पर सोने को पाने से ही पागल हो जाता है।

श्री पुर में, वन मध्य हौं, तू मग करी अनीति ।
कहि मुंदरी ! अब तियन की को करिहै परतीति ॥

सीता राम की अंगूठी से कहती है- हे मुद्रिका ! अब स्त्रियों का विश्वास कौन करेगा ? अयोध्या में लक्ष्मी ने राम को छोड़ दिया, वन में मैंने उनको छोड़ दिया और मार्ग में तूने राम को छोड़ दिया- इस प्रकार तीन-तीन स्त्रियों ने राम को छोड़ दिया; इन उदाहरणों को देखकर स्त्रियों का विश्वास अब कोई कैसे करेगा ?

यहाँ द्वितीय चरण में एक कथन किया गया है जिसका समर्थक हेतु प्रथम चरण में कहा गया है।

टिप्पणी- काव्यलिंग में क्योंकि (या इसलिए, आदि हेतु के वाचक शब्दों का प्रयोग नहीं होता, परन्तु अर्थ करते समय उनका प्रयोग करना होता है।

दोस्तो हमने इस आर्टिकल में Kavyalinga Alankar in Hindi के साथ – साथ Kavyalinga Alankar kise kahate hain, Kavyalinga Alankar ki Paribhasha, Kavyalinga Alankar ke bhed के बारे में पढ़ा। हमे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपको यहां Hindi Grammar के सभी टॉपिक उपलब्ध करवाए गए। जिनको पढ़कर आप हिंदी में अच्छी पकड़ बना सकते है।

शब्दालंकार के भेद
1. अनुप्रास अलंकार
2. यमक अलंकार
3. श्लेष अलंकार
4. पुनरुक्ति अलंकार
5. विप्सा अलंकार
6. वक्रोक्ति अलंकार

अर्थालंकार के भेद

1.उपमा अलंकार
2.रूपक अलंकार
3.उत्प्रेक्षा अलंकार
4. अतिशयक्ति अलंकार
5. मानवीकरण अलंकार
6. सन्देह अलंकार
7. दृष्टान्त अलंकार
8. दिपक अलंकार
9. उपमेयोपमा अलंकार
10. प्रतीप अलंकार
11. अनन्वय अलंकार
12. भ्रांतिमान अलंकार
13. विशेषोक्ति अलंकार
14. विभावना अलंकार
15. त्यतिरेक अलंकार
16. अपहृति अलंकार
17. अर्थान्तरन्यास अलंकार
18.उल्लेख अलंकार
19. विरोधाभाष अलंकार
20.असंगति अलंकार
21.काव्यलिंग अलंकार
22. अन्योक्ति अलंकार

अनुप्रास अलंकार के भेद-
(i) छेका अनुप्रास
(ii) वृत्या अनुप्रास
(iii) श्रुत्या अनुप्रास
(iv) अन्तयानुप्रास
(v) लाटानुप्रास

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