Karm Karak : कर्म कारक की परिभाषा उदाहरण सहित – कर्म कारक

Karm Karak

कर्म कारक ( Karm Karak ) : परिभाषा, भेद और उदाहरण | Karm Karak in Hindi – इस आर्टिकल में हम कर्म कारककर्म कारक किसे कहते हैं, कर्म कारक की परिभाषा, कर्म कारक के भेद/प्रकार और उनके प्रकारों को उदाहरण के माध्यम से पढ़ेंगे। इस टॉपिक से सभी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाते है।  हम यहां पर Karm Karak ( कर्म कारक ) के सभी भेदों/प्रकार के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेके आए है। Hindi में Karm Karak ( कर्म कारक ) से संबंधित बहुत सारे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं और राज्य एवं केंद्र स्तरीय बोर्ड की सभी परीक्षाओं में यहां से questions पूछे जाते है। कर्म कारक इन हिंदी के बारे में उदाहरणों सहित इस पोस्ट में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है।  तो चलिए शुरू करते है –

कर्म कारक की परिभाषा | Karm Karak Ki Paribhasha

किसी भी वस्तु या व्यक्ति द्वारा वाक्य में की गई क्रिया का प्रभाव पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं।
इसके लिए विभक्ति चिन्ह ‘को’  का प्रयोग किया जाता है।

कर्म कारक किसे कहते हैं | Karm Karak Kise Kahate Hain

कर्म कारक – वाक्य में संज्ञा /सर्वनाम पर जिस शब्द या क्रिया का प्रभाव सीधे रूप से पड़ता है , उसे कर्म कारक कहते हैं ।
कर्म कारक में ‘को’ विभक्ति चिन्ह का प्रयोग होता है।

कर्म कारक के चिन्ह

कर्म कारक के चिन्ह – कर्म कारक में ‘को‘ विभक्ति चिन्ह का प्रयोग होता है।

कर्म कारक के अपवाद:-

यदि किन्हीं वाक्यों में निम्नलिखित शब्दों में से कोई शब्द आए तो उसमें कर्म कारक का प्रयोग होता है।

याच – मांगना
दुध – दुहना
दंड – दंडित करना
ची – चुनना
ब्रू – बोलन
नी – ले जाना
पक – पकाना

सुलाना, कोसना, चुराना, भुलाना, जमाना, पुकारना, भगाना ,जाने के अर्थ में आदि शब्दों का प्रयोग होता है तो वहां पर कर्म कारक होता है।

जैसे- 
✦ रमेश ने गीता को गणित पढ़ाया ।
इस वाक्य में ‘ गीता ‘ कर्म है । ‘ पढ़ाया ‘ क्रिया का फल ‘ गीता ‘ पर पड़ रहा है । गीता कर्म के साथ कर्म कारक का विभक्ति चिह्न ‘ को ‘ लगा है । 

✦ कृष्ण ने असुरों को मारा ।
✦ महेश ने चोर को पीटा ।
✦ अध्यापक ने छात्रों को पढ़ाया ।
✦ राम ने पानी पिया ।
✦ वह गाय से दूध दुहता है।

कई बार कर्म कारक के साथ ‘ को ‘ विभक्ति चिह्न नहीं लगता ।
जैसे-
✦ अशोक गहलोत जी ने भाषण दिया । 

कर्म कारक शब्द सजीव हो तो उसके ‘को’ विभक्ति चिन्ह का प्रयोग होता है निर्जीव होने पर चिन्ह का प्रयोग नहीं होता

विशेष- क्रिया के साथ ‘कौन’ प्रश्न करके कर्ता की पहचान की जाती है जबकि क्रिया के साथ  “क्या अथवा किसको”  का प्रश्न करने पर कर्म का पता चलता है।

कर्म कारक के उदाहरण | Karam Karak Ke Udaharan

✦ गोपाल ने राधा को बुलाया।
✦ रामू ने घोड़े को पानी पिलाया।
✦ माँ ने बच्चे को खाना खिलाया।
✦ मेरे दोस्त ने कुत्तों को भगाया।
✦ अध्यापक छात्रों को पीटता है।

karm karak ke udaharan in hindi

✦ राम ने रावण को मारा। 
✦ रिमा ने गीता को बुलाया। 
✦ माँ बच्चे को सुला रही है। 
✦ पापा ने बालक को समझाया।
✦ कृष्ण ने राधा को बुलाया।
✦ अनुज ने साँप को मारा।

karm karak ke do udaharan

✦ कृष्ण ने असुरों को मारा ।
✦ महेश ने चोर को पीटा ।

karm karak ke do vakya

✦ रमेश ने घोड़े को पानी पिलाया।
✦ माँ ने बच्चे को खाना खिलाया।

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