जातिवाचक संज्ञा (Jativachak Sangya) : जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण

जातिवाचक संज्ञा (Jativachak Sangya) : परिभाषा, भेद और उदाहरण | Jativachak Sangyain Hindi – इस आर्टिकल में हम जातिवाचक संज्ञा (Jativachak Sangya), जातिवाचक संज्ञा किसे कहते कहते हैं, जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा, जातिवाचक संज्ञा के प्रकार और उनके भेदों को उदाहरण के माध्यम से पढ़ेंगे। इस टॉपिक से सभी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाते है।  हम यहां पर जातिवाचक संज्ञा ( Jativachak Sangya) के सभी भेदों/प्रकार के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेके आए है। hindi में जातिवाचक संज्ञा ( Jativachak Sangya) से संबंधित बहुत सारे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं और राज्य एवं केंद्र स्तरीय बोर्ड की सभी परीक्षाओं में यहां से questions पूछे जाते है।  Jativachak Sangya in Hindi के बारे में उदाहरणों सहित इस पोस्ट में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है।  तो चलिए शुरू करते है –

जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा | Jativachak Sangya ki Paribhasha

परिभाषा – जो शब्द किसी प्राणी , प्रदार्थ या समुदाय की पूरी जाति / वर्ग का बोध करवाता है , उन्हें जातिवाचक संज्ञा कहते है ।

अथवा – किसी वर्ग या समूह का बोध कराने वाले शब्दों को जातिवाचक संज्ञा कहा जाता हैै।

जातिवाचक संज्ञा के नियम –

  1. जातिवाचक संज्ञा हमेशा बहुवचन होती है ।
  2. जातिवाचक संज्ञा हमेशा अर्थवान होती है ।
  3. जातिवाचक संज्ञा में किसी प्राणी , वस्तु या स्थान विशेष के वर्ग का बोध करवाता है ।

जैसे- मूजदूर, नदी, लेखक, पहाड़ , लड़का , पर्वत , नगर, घर , कुत्ता , गाय आदि ।

जाति वाचक संज्ञा के उदाहरण | Jativachak Sangya ke udaharan

लड़का – यहाँ लड़का एक वर्ग है , जिसमें रमेश, रवि, सोनू, महेश ,राम , राहुल आदि सभी ‘लड़कों’ का बोध होता है।

नदी –यहाँ नदी एक वर्ग है जिसमें समस्त नदियों जैसे- यमुना,माही, गंगा, सिंधु, ब्रह्मपुत्र , सिंधु , सोन आदि का बोध होता है।

वस्तु – यहाँ वस्तु किसी एक वस्तु विशेष के लिए ना होकर समस्त वस्तुओं जैसे – मकान , कुर्सी, पुस्तक, कलम, घड़ी आदि का बोध होता है।

पहाड़ – यहाँ किसी एक विशेष पहाड़ का बोध न होकर समस्त पहाड़ों का बोध होता है ।

मनुष्य – यहाँ मनुष्य किसी एक विशेष के लिए न होकर समस्त मनुष्य जाति का बोध होता है ।

शहर – यहाँ शहर किसी विशेष स्थान के लिए ना होकर समस्त शहरों का बोध होता है ,जैसे – कोलकाता , दिल्ली, चेन्नई , मुम्बई , लखनऊ , पटना आदि ।

पर्वत – यहाँ किसी पर्वत के लिए ना होकर समस्त पर्वत शृंखलाओं का बोध होता है ।

जातिवाचक संज्ञा के कुछ अन्य उदाहरण –

जैसे – विद्यालय में बच्चे पढ़ते है ।

  • शहरों में प्रदुषण ज्यादा है ।
  • सड़क पर गाड़ियाँ चलती है ।
  • मनुष्य एक बुद्धिजीवी प्राणी है ।
  • पेड़ पर पक्षी बैठेंं है ।
  • नदियों का जल स्तर गिरता जा रहा है ।

( उपर्युक्त वाक्यों में विद्यालय , बच्चे , शहर , सड़क , गाड़ियाँ , मनुष्य , पेड़ तथा पक्षी आदि किसी एक विशेष का बोध ना कराकर सम्पूर्ण जाति का बोध करवा रहें है । )

जातिवाचक संज्ञा के उपभेद-

(i) समूहवाचक संज्ञा

( ii ) समूहवाचकचक संज्ञा

( i ) समूहवाचक संज्ञा – किसी व्यक्ति या वस्तु के समूह का बोध करवाने वाले शब्दों को समूहवाचक संज्ञा कहते है ।

  • ये संज्ञाएँ गणितीय संज्ञाओं के समूह से बनती है ।
  • ये एकवचन और बहुवचन दोनों रूपों में प्रयुक्त हो सकती है ।
  • ये संज्ञाएँ समूह या समुदाय के रूप में होते है ।

जैसे – परिवार , विद्यालय , कक्षा , भीड़ झुंड , सेना , दल , मंडली , सभा , मेला , दर्जन आदि शब्द किसी ना किसी समूह का बोध करवाता है ।

  • क्रिकेट टीम ने मैच जीता ।
  • भारतीय सेना विश्व की सबसे बड़ी सेना है ।
  • राम ने एक दर्जन आम खरीदें ।
  • हमारी कक्षा में दस लड़कियाँ है ।
  • हिरण झुण्ड में चलते है ।
  • मेरे परिवार में दस सदस्य है ।

( उपर्युक्त वाक्यों में टीम , सेना , दर्जन , कक्षा , झुण्ड तथा परिवार से किसी एक विशेष व्यक्ति या वस्तु का बोध ना होकर एक समूह या समुदाय का बोध होता है । )

( ii ) . द्रव्यवाचक संज्ञा – किसी प्रदार्थ या द्रव्य का बोध करवाने वाले शब्दों को द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है।

  • द्रव्यवाचक संज्ञा अगणितीय होती है ।
  • द्रव्यवाचक संज्ञा को मापा या तोला जाता है ।

जैसे – लोहा , सोना , तेल , पानी , दुध , चीनी , घी , लकड़ी , मिट्टी , दही , पीतल , फल , सब्जी आदि ।

  • जल ही जीवन है ।
  • हमें हरी सब्जियों को खाना चाहिए ।
  • रोजाना फलों का सेवन करना चाहिए ।
  • रोजाना दुध पीना चाहिए ।
  • घी खाने मोटापा बढ़ता है ।
  • हीरा एक किमती धातु है ।

( उपर्युक्त वाक्यों में जल , सब्जियाँ , दुध , घी , हीरा आदि से किसी द्रव्य या प्रदार्थ का बोध हो रहा है , अतः यह एक द्रव्यवाचक संज्ञा है । )

यह भी पढ़े – संज्ञा

संज्ञा के भेद | Sangya Ke Bhed –
1.व्यक्तिवाचक संज्ञा
2.जातिवाचक संज्ञा
3.भाववाचक संज्ञा

दोस्तो हमने इस आर्टिकल में Jativachak Sangya in Hindi के साथ – साथ Jativachak Sangya kise kahate hain, Jativachak Sangya ki Paribhasha, Jativachak Sangya ke bhed के बारे में पढ़ा। हमे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपको यहां Hindi Grammar के सभी टॉपिक उपलब्ध करवाए गए। जिनको पढ़कर आप हिंदी में अच्छी पकड़ बना सकते है।

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