हृदय शब्द के रूप : Hraday Shabd Roop in Sanskrit

हृदय शब्द के रूप : – यहाँ आज हम आपके लिए संस्कृत के शब्द रूप टॉपिक के हृदय शब्द के रूप लेके आये है यहाँ आपको इसकी सभी विभक्तियाँ एवं सभी वचन दिए गए दोस्तों यह संस्कृत ग्रामर का बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है इस टॉपिक से हमेशा प्रश्न पूछे जाते है तो लिए चलिए इस को पढ़ते और याद करते है –

शब्द रूप चलाने के नियम

संस्कृत के सभी शब्दों के रूप कण्ठस्थ नहीं किए जा सकते; अत: नए-नए शब्दों के विभिन्न रूप बनाते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  • विभिन्न प्रकार के कुछ शब्दों अथवा धातुओं के रूप अच्छी तरह याद कर लेना चाहिए। फिर जब दूसरे शब्द अथवा धातु के रूप चलाने हों तो उनसे उसे मिलाकर, उनके अन्तर को समझकर, तब उसके समवर्गी शब्द की भाँति उसके रूप चलाने चाहिए।
  • नए शब्द के रूप बनाते समय उसके लिंग और शब्दान्त के स्वर अथवा व्यंजन का विचार अवश्य करना चाहिए। फिर उसी लिंग के उसी स्वर अथवा व्यंजन को अन्त में रखने वाले शब्दों की भाँति उसके रूप बना देने चाहिए। जैसे—यदि ‘राम’ शब्द के रूप याद हैं तो राम की भाँति ही जनक, छात्र, बालक, अश्व, वानर, हंस, चन्द्र, मेघ, अनल, ईश्वर, नृप, काक, देव आदि शब्दों के भी रूप बनेंगे।

Hraday Shabd Roop– हृदय शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, वन, नगर, गृह, पुष्प, पत्र, कमल, बल, पुस्तक, दुग्ध, मित्र, मुख, नक्षत्र आदि।

हृदय शब्द के रूप ( Hraday Shabd Roop in Sanskrit )

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाहृदयम्हृदयेहृन्दि / हृदयानि
द्वितीयाहृदयम्हृदयेहृन्दि / हृदयानि
तृतीयाहृदा / हृदयेनहृद्भ्याम् / हृदयाभ्याम्हृद्भिः / हृदयैः
चतुर्थीहृदे / हृदयायहृद्भ्याम् / हृदयाभ्याम्हृद्भ्यः / हृदयेभ्यः
पंचमीहृदः / हृदयात् / हृदयाद्हृद्भ्याम् / हृदयाभ्याम्हृद्भ्यः / हृदयेभ्यः
षष्‍ठीहृदः / हृदयस्यहृदोः / हृदययोःहृदाम् / हृदयानाम्
सप्‍तमीहृदि / हृदयेहृदोः / हृदययोःहृत्सु / हृदयेषु
सम्बोधनहे हृदय!हे हृदये!हे हृदयानि!
Hraday Shabd Roop in Sanskrit
विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाहृदयम्हृदयेहृन्दि / हृदयानि
द्वितीयाहृदयम्हृदयेहृन्दि / हृदयानि
तृतीयाहृदा / हृदयेनहृद्भ्याम् / हृदयाभ्याम्हृद्भिः / हृदयैः
चतुर्थीहृदे / हृदयायहृद्भ्याम् / हृदयाभ्याम्हृद्भ्यः / हृदयेभ्यः
पंचमीहृदः / हृदयात् / हृदयाद्हृद्भ्याम् / हृदयाभ्याम्हृद्भ्यः / हृदयेभ्यः
षष्‍ठीहृदः / हृदयस्यहृदोः / हृदययोःहृदाम् / हृदयानाम्
सप्‍तमीहृदि / हृदयेहृदोः / हृदययोःहृत्सु / हृदयेषु
सम्बोधनहे हृदय!हे हृदये!हे हृदयानि!
Hraday Shabd Roop in Sanskrit

प्रश्न 1.‘मम्’ शब्द से कौन विभक्ति है ?
(A) प्रथमा
(B) द्वितीया
(C) तृतीया
(D) षष्ठी
उत्तर :
(D) षष्ठी

प्रश्न 2.“इदम्’ शब्द के तृतीया का रूप कौन है ?
(A) अनया
(B) अनेत
(C) अस्य
(D) अस्मै
उत्तर :
(A) अनया

प्रश्न 3.‘भवते’ में कौन-सी विभक्ति है ? ।
(A) पञ्चमी
(B) षष्ठी
(C) चतुर्थी
(D) तृतीया
उत्तर :
(C) चतुर्थी

प्रश्न 4.‘लतया’ में कौन’ विभक्ति है?
(A) प्रथमा
(B) द्वितीया
(C) तृतीया
(D) चतुर्थी
उत्तर :
(C) तृतीया

प्रश्न 5.‘राजन्’ शब्द के प्रथमा विभक्ति एकवचन का रूप कौन है ?
(A) राजा
(B) राज्ञः
(C) राज्ञा
(D) राजानम् .
उत्तर :
(A) राजा

Leave a Reply