दिपक अलंकार किसे कहते है? Deepak Alankar परिभाषा, भेद एवं इसके उदाहरण

दिपक अलंकार (Deepak Alankar)

दिपक अलंकार की परिभाषा – जब प्रस्तुत (उपमेय) और अप्रस्तुत (उपमान)को एक ही धर्म से अन्वित किया जाय।

दिपक अलंकार के उदाहरण –

'सोहत मुख कल हास सों, अमल चवन्द्रका चन्द।'
यहाँ प्रस्तुत मुख और अप्रस्तुत चन्द्र दोनों को एक ही धर्म 'सोहत'से अन्वित किया गया हैं।
कामिनी कन्त सों, जामिनी चन्द सों,
दामिनी पावस मेघ घटा सों।
जाहिर चारिहु ओर जहान लसै,
हिन्दवान खुमान सिवा सों।।
फल से सोहत तीर्थ थल,
जल से सोहत कूप।
रस से सोहत सुमन जल,
बल से सोहत भूप।।
सरसिज से है सर की शोभा,
नयनों से तेरे आनन की।
चंचल निशि उदवस रहें,
करत प्रात वसिराज।
अरविंदन में इंदिरा,
सुन्दरि नैनन लाज।।
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