कम्प्यूटर एक परिचय

कम्प्यूटर शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द “COMPUTE ” से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहा जाता है।
पूर्ण रूप – Common Operating Machine Particularly used for Technological Engineering Research
19वीं सदी में गणित के एक प्रोफेसर ‘चार्ल्स बेबेज’ ने कंप्यूटर शब्द से सब को परिचित करवाया।
कम्प्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण गणनाओ के लिए प्रयोग किया जाता है। कम्प्यूटर एक मशीन है जो डाटा तथा निर्देशों को इनपुट के रूप में ग्रहण करता है, उसे भंडारित करता है, दिये गए निर्देशों के अनुरूप उसका विश्लेषण करता है तथा विश्लेषित परिणामो को आवश्यकतानुसार आउटपुट के रूप में निर्गत करता है।

कम्प्यूटर सिस्टम के घटक (Components of Computer System)

किसी भी कम्प्यूटर सिस्टम को मुख्यतः तीन भागों में बांटा जा सकता है – हार्डवेयर, साफ्टवेयर, डाटा आदि।

1. हार्डवेयर (Hardware) –

कम्प्यूटर मशीन का वह भौतिक भाग जिसे हम देख और छू (Touch) कर महसूस कर सकते हैं, हार्डवेयर कहलाता है। जैसे – मॉनीटर, सीपीयू, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर, हार्ड डिस्क ड्राइव, मदरबोर्ड, प्रोसेसर, स्पीकर आदि ।

2. साफ्टवेयर (Software) –

अनुदेशों और प्रोग्रामों का समूह जो कम्प्यूटर को यह बतलाता है कि उसे क्या और कैसे करना है, साफ्टवेयर कहलाता है। कम्प्यूटर का हार्डवेयर साफ्टवेयर के अनुदेशों के अनुसार ही काम करता है। एक ही हार्डवेयर अलग अलग साफ्टवेयर निर्देशों के आधार पर अलग-अलग कार्य कर सकता है। साफ्टवेयर को हम छू नहीं सकते और न ही भौतिक रूप में देख सकते हैं इस प्रकार, हार्डवेयर यदि कम्प्यूटर का शरीर है तो साफ्टवेयर उसकी आत्मा है।

3. डाटा (Data) –

डाटा कच्चे तथ्यों (raw facts) और सूचनाओं का अव्यवस्थित संकलन है जिससे कोई सार्थक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

डाटा को दो प्रकार में विभाजित किया जा सकता है –
(i) संख्यात्मक डाटा (Numerical data)
(ii) चिह्नात्मक डाटा (Alphanumeric data)

(i) संख्यात्मक डाटा (Numerical data):

यह अंकों से बना डाटा है जिसमें 0, 1, 2, 9 तक अंकों का प्रयोग किया जाता है।

इस तरह के डाटा पर हम अंकगणितीय क्रियाएं कर सकते हैं।

जैसे- विद्यार्थियों का प्राप्तांक, कर्मचारियों का वेतन आदि ।

(ii) चिह्नात्मक डाटा (Alphanumeric data):

इसमें अक्षरों, अंकों तथा चिह्नों का प्रयोग किया जाता है।

इसमें अंकगणितीय क्रियाएं नहीं की जा सकती, पर इनकी तुलना की जा सकती है।

जैसे- कर्मचारियों का पता

अनुदेश (Instruction) :- कम्प्यूटर को कार्य करने के लिए दिए गए आदेशों को अनुदेश कहा जाता है।

प्रोग्राम (Program) :- कम्प्यूटर को दिए जाने वाले अनुदेशों समूह को प्रोग्राम कहा जाता है।

साफ्टवेयर (Software) :- प्रोग्रामों के समुच्चय को, जो कम्प्यूटर के विभिन्न कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी होता है, साफ्टवेयर कहा जाता है।

कम्प्यूटर का इतिहास

कंप्यूटर की History को पांच पीड़ियो में विभक्त किया गया है |

अबेकस (Abacus)

अबेकस के अविष्कारक – “लि-काई चेन” Abacus शब्द जो है वो ग्रीक शब्द ‘abax’ से आया है और जिसका मतलब हो ता है “calculating board” और प्रथम जो Abacus था वो चीन में आज से 5000 वर्ष पूर्व में बनाया गया था आज भी अबेकस का इस्तेमाल गणित की समस्याओं को सुलझाने में इस्तेमाल किया जाता है और सबसे अधिक जिन जगहों पर इस का इस्तेमाल होता है वो है चीन, जापान और रूस | इसे कंप्यूटर की प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में भी जाना जाता है |

नेपियर बोन्स (Napier’s bones)

अविष्कारक – “जॉन नेपियर” (1600) नेपियर बोन्स – एक तेज गणनाएं करने वाला यन्त्र | जॉन नेपियर एक स्कॉटिस गणितज्ञ थे। उन्होने संख्याओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण खोजे की थी। नेपियर लघुगणक की खोज के कारण बहुत प्रसिध्द थे। लघुगणक ने जटिल गणनाओं को आसान बना दिया था । लघुगणक का उपयोग कई गणितीय समस्याओ को हल करने में किया जाता था । यह भी कंप्यूटर की प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में भी जाना जाता है।

पास्कल गणना यन्त्र (Blaise Pascal)

ब्लेस पास्कलः फ्रां स के गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने 1642 में प्रथम यांत्रिक गणना मशीन का आविष्कार किया – जिसे “पास्कलाइन” कहा गया है, यह केवल जोड़ व घटा सकती थी । अतः इसे एडिंग मशीन (Adding Machine) भी कहा गया। जब पास्कल ने यह मशीन बनाई तब वह केवल 19 वर्ष के थे।

मल्टिप्लाइंग मशीन (Gottried Leibniz)

जर्मनी के गोटरीड लेबनीज ने पास्कल की मशीन को और बेहतर बनाया जिससे गुणा- भाग भी किया जा सके | गोटरीड ने सर आइज क न्यूटन के साथ काम करके गणित के कैलकुलस का विकास भी किया था। इनके द्वारा विकसित कैलकुलेटर की मदद से आसानी से जोड, घटाव गुणा और भाग किया जा सकता है।

डिफरेंज इंजन (एनालिटिकल इंजीन)

ब्रिटिश गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज (Father Of Moden Computer) 1822 में डिफरेंस इंजन का विकास किया जो भाप से चलता था। इसके द्वारा गणनाओं का प्रिंट भी किया जा सकता था। 1842 में इन्होने एक स्वचालित मशीन एनालिटिकल इंजीन बनाया जो पंचकार्ड के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य करती थी जो की जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग कर सकती थी। लेडी एडा आगस्टा ने एनालिटिकल इंजीन में पहला प्रोग्राम डाला | इस हेतु उन्हें दुनिया का प्रथम प्रोग्रामर भी कहा जाता है, इन्हें बारनरी संख्या प्रणाली का श्रेय भी जाता है।

सेंसेस तेबुलेटर (Census Tabulator)

1890 में अमेरिका के वैज्ञानिक हर्मन होलेरिथ ने इस यन्त्र का अविष्कार किया जो बिजली से चलता था। इस यन्त्र का प्रयोग अमेरिका की जनगणना में किया गया। हर्मन होलेरिथ को पंचकार्ड के अविष्कार का श्रेय भी दिया जाता है।

मार्क-I (Marc-I)

वर्ष 1937 से 1944 के बीच आईबीएम (IBM – International Business Machine) कंपनी के सहयोग तथा वैज्ञानिक हावर्ड आइकेन के निर्देशन में विश्व के प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत यांत्रिक गणना यंत्र का आविष्कार किया गया।

ABC (Atanasoff Berry Computer)

वर्ष 1939 में जॉन एटनासॉफ और क्लिफोर्ड बेरी नामक वैज्ञानिकों ने मिलकर विश्व का प्रथम ‘इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर’ का आविष्कार किया।

एनिएक (ENIAC)

(Electronic Numerical Integrator and Calculator) 1946 में अमेरिकी वैज्ञानिक जे- पी- एकर्ट तथा जॉन मुचली ने सामान्य कार्यों के लिए प्रथम पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किया जिसे एनिएक नाम दिया गया था ।

इडवैक (EDVAC)

(Electronic Discrete Variable Automatic Computer) एनिएक कंप्यूटर में प्रोग्राम में परिवर्तन करना कठिन था। इससे निपटने के लिए वान न्यूमेन (Van Neumann) ने संग्रहित प्रोग्राम की अवधारणा दी तथा इडवैक का विकास किया। आधुनिक कंप्यूटर के विकास में सर्वाधिक योगदान अमेरिका के डॉ- वान न्यूमेन (Van Neumann) का है। इन्हें डेटा और निर्देश (instructions) दोनों को बाइनरी प्रणाली (0 और 1) में संग्रहित करने का श्रेय भी दिया जाता है।

यूनीवैक (UNIVAC)

(Universal Automatic Computer) यह प्रथम कंप्यूटर था जिसका उपयोग व्यापारिक और अन्य सामान्य कार्यों के लिए किया गया। प्रथम व्यापारिक कंप्यूटर यूनीवैक-1 का निर्माण 1954 में GEC (General Electric Corporation) ने किया।

माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor)

1970 में इंटेल कंपनी द्वारा प्रथम माइक्रो प्रोसेसर ‘इंटेल-4004’ के निर्माण ने कंप्यूटर क्षेत्र में क्रांति ला दी । इससे छोटे आकार के कंप्यूटर का निर्माण संभव हुआ जिन्हें माइक्रो कंप्यूटर कहा गया है।

एप्पल-II (Apple-II)

1977 में प्रथम व्यवसायिक माइक्रो कंप्यूटर (First Business – Micro Computer) का निर्माण किया गया जिसे एप्पल-II का नाम दिया गया।

पर्सनल कम्प्यूटर (PC)

वर्ष 1981 में IBM कंपनी ने प्रथम PC (Desktop Co mputer) बनाया था। घर, ऑफिस में उपयोग कियें जाते है। यह माइक्रो कंप्यूटर का एक प्रकार है।

कम्प्यूटर की कार्यप्रणाली

कम्प्यूटर के द्वारा निम्नलिखित चार कार्य लिए जा सकते है।
1. डाटा इनपुट – कम्प्यूटर को दी गयी जानकारी
2. डाटा प्रोसेसिंग – निर्देश को क्रियान्वयन करना
3. डाटा स्टोरेज डाटा व प्रोग्राम को स्थायी रूप से स्टोर रखना
4. डाटा आउटपुट – कम्प्यूटर से ली गयी जानकारी

कम्प्यूटर की विशेषता

1. गति – कम्प्यूटर के द्वारा 1 सेकंड में लाखो गणनाये की जा सकती है वर्तमान समय में कम्प्यूटर नैनो सेकंड में गणनाये कर सकता है कम्प्यूटर प्रोसेसर की स्पीड को हर्ट्ज (Hz) से मापते है
2. स्वचालित एक बार प्रोग्राम किये जाने के बाद वह बिना रुके कार्य कर सकता है
3. त्रुटि रहित कार्य
4. विविधता
5. स्फूर्ति
6. गोपनीयता
7. तीव्र निर्णय लेने की क्षमता
8. विश्वशनियता
9. स्थायी भंडारण क्षमता
10. विशाल भंडारण क्षमता
11. भंडारित सुचना को तीव्र गति से प्राप्त करना
12. पुनरावृत्ति
13. कागज रहित कार्य

कम्प्यूटर के अनुप्रयोग

1. शिक्षा
2. बैंक
3. चिकित्सा विज्ञान
4. रक्षा
5. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
6. वैज्ञानिक अनुसंधान
7. संचार
8. उद्योग एवं व्यापार
9. रेलवे एवं एयरलाइन आरक्षण
10. मनोरंजन
11. प्रशासन
12. डाटा प्रोसेसिंग
13. सूचनाओं का आदान प्रदान
14. प्रकाशन

कम्प्यूटर की सीमाएं

1. बुद्धिहीन
2. खर्चीला
3. विद्युत् पर निर्भरता
4. वायरस का खतरा

कम्प्यूटर का वर्गीकरण

✦ Computer में समय के साथ-साथ हुए सुधार को अलग-अलग पीढ़ी में बांटा गया है।
✦ जैसे-जैसे Computer के विकास में सुधार होते गए वैसे-वैसे Computer को Generation में विभाजित कर दिया गया।
✦ अब तक Computer की पांच Generation बना दी गयी है।

Ist Generation (प्रथम पीढ़ी)

✦ यह Generation Computer की पहली Generation है।
✦ इसका समय सन् 1946 से 1956 तक रहा।
✦ इस Generation में Computer में Electronic रूप से Vacuum Tube का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Input Device के रूप में Punch Card का उपयोग किया जाता है।
✦ इस Generation में Low Level Language का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Language Assembly और मशीनी भाषा का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Storage Device के रूप में Magnetic Drum का उपयोग किया जाता था
✦ Vaccum Tube का आविष्कार 1904 में John Ambrose Fleming ने किया।

IInd Generation (द्वितीय पीढ़ी)

✦ यह Generation Computer की दूसरी Generation है।
✦इसका समय सन् 1956 से 1964 तक रहा।
✦ इस Generation में Vacuum Tube के स्थान पर Transistor का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Input Device के रूप में Punch Card का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में High Level Language का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation की प्रमुख Language Fortran और Cobol है।
✦ इस Generation में Storage के रूप में Magnetic Tap का उपयोग किया जाता था ।
✦ Transistor का आविष्कार सन् 1947 में William Shockley और John Bardeen ने किया।

IIIrd Generation (तृतीय पीढ़ी)

✦ यह Generation Computer की तीसरी Generation है।
✦ इसका समय सन् 1964 से 1971 तक रहा।
✦ इस Generation में Transistor के स्थान पर I.C (Integrated Circut) का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Input Device के रूप में Keyboard और Mouse का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Win OS का उपयोग किया जाने लगा।
✦ इस Generation में Storage के लिए Hard disk और Floppy Disk का उपयोग किया जाता था।
✦ IC का आविष्कार सन् 1950 में Jack Kilby और Robert Noyce ने किया।

IVth Generation (चतुर्थ पीढ़ी)

✦ यह Generation Computer की चौथी Generation है।
✦ इसका समय सन् 1971 से 1989 तक रहा।
✦ इस Generation में I.C. (Integrated Circut) के स्थान पर VLSIC (Very Large Scale Integrated Circuit) का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation में Micro-Processor का उपयोग किया जाता है

Vth Generation (पंचम पीढ़ी)

✦ यह Generation Computer की पांचवी Generation है।
✦ इसका समय सन् 1989 से वर्तमान में चल रहा है।
✦ इस Generation में VLSIC (Very Large Scale Integrated Circuit) के स्थान पर ULSIC (Ultra Large Scale Integrated Circuit) का उपयोग किया जाता था।
✦ इस Generation का मुख्य उद्देश्य Computer का कृत्रिम रूप से समझदार बनाना है जो कि AI (Artificial Intelligence) है।
✦ इस Generation का समय सबसे लम्बा है।

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