Bhav Vachak Sangya (भाववाचक संज्ञा) : भाववाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण

भाववाचक संज्ञा (Bhav Vachak Sangya) : परिभाषा, भेद और उदाहरण | Bhav Vachak Sangyain Hindi – इस आर्टिकल में हम भाववाचक संज्ञा (Bhav Vachak Sangya), भाववाचक संज्ञा किसे कहते कहते हैं, भाववाचक संज्ञा की परिभाषा, भाववाचक संज्ञा के प्रकार और उनके भेदों को उदाहरण के माध्यम से पढ़ेंगे। इस टॉपिक से सभी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाते है।  हम यहां पर भाववाचक संज्ञा ( Bhav Vachak Sangya) के सभी भेदों/प्रकार के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेके आए है। hindi में भाववाचक संज्ञा ( Bhav Vachak Sangya) से संबंधित बहुत सारे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं और राज्य एवं केंद्र स्तरीय बोर्ड की सभी परीक्षाओं में यहां से questions पूछे जाते है।  Bhav Vachak Sangya in Hindi के बारे में उदाहरणों सहित इस पोस्ट में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है।  तो चलिए शुरू करते है –

भाववाचक संज्ञा की परिभाषा | Bhav Vachak Sangya ki paribhasha

परिभाषा – किसी वस्तु , व्यक्ति , प्राणी या पदार्थ आदि के गुण दोष , स्वभाव , अवस्था , दशा , व्यापार , भाव आदि का बोध कराने वाले संज्ञा शब्दों को भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे– मोटापा, मधुरता, बुढ़ापा, सुंदरता, ईमानदारी, बचपन, उत्साह, बेचैनी, लंबाई, चौड़ाई, अमीरी, गरीबी आदि भाववाचक संज्ञाएं है।

भाववाचक संज्ञाओं के उदाहरण –

जैसे – ईमानदारी ही सबसे बड़ा धर्म है ।

  • वह बचपन से ही सुंदर है ।
  • उसकी सुंदरता ने सबका मन मोह लिया ।
  • राम की लंबाई श्याम से ज्यादा है ।
  • गरीबी का मजाक नहीं बनाना चाहिए ।
  • राम के साथ मिलकर अपनापन सा लगता है ।
  • राम की लिखावट सुंदर है ।
  • राम बहुत गुस्से में है ।
  • मुझे बहुत तेज भूख लगी है ।
  • अमेरिका एक अमीर देश है ।
  • राम बहुत पतला हो रहा है ।
  • आम बहुत मीठे है ।
  • नीम्बू का स्वाद खट्टा होता है ।
  • हमें गुस्सा नहीं करना चाहिए ।
  • ज्यादा काम करने से थकान महसूस होती है ।
  • राम और श्याम की अटूट दोस्ती है ।

( उपर्युक्त वाक्यों में बचपन , सुंदरता , लंबाई , गरीबी , अपनापन , गुस्सा , भूख , अमीर , पतला , मीठा , थकान , दोस्ती आदि में एक भाव दिखाई दे रहा है , अतः ये भाववाचक संज्ञा के उदाहरण है । )

भाववाचक संज्ञा बनाना

भाववाचक संज्ञा को जातिवाचक संज्ञा , सर्वनाम , क्रिया विशेषण , अव्यय , क्रिया आदि में ता, पा , अ , आस , पन , ई , वट , त्व , य , आव , हट आदि प्रत्यय को जोड़कर भाववाचक संज्ञा को बनाया जाता है ।

  • भाववाचक संज्ञाएँ निम्न पाँच प्रकार के शब्दों से बनती है –

(i) जातिवाचक संज्ञाओं से भाववाचक संज्ञा बनाना

(ii) सर्वनामों से भाववाचक संज्ञा बनाना

(iii) विशेषणों से भाववाचक संज्ञा बनाना

(iv) क्रियाओं से भाव वाचक संज्ञा बनाना

( v ) अव्यय से भाववाचक संज्ञा बनाना

( i ) जातिवाचक संज्ञाओं से भाववाचक संज्ञा बनाना : –
जातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
बूढ़ाबुढ़ापा
बच्चा बचपन 
भाई भाईचारा
मनुष्य मनुष्यता
सज्जन सज्जनता
दुष्ट दुष्टता
युवक यौवन
दासदासता
साधु साधुता
पंडित पांडित्य
भाववाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
वीरवीरता
कविकवित्व
व्यक्तिव्यक्तित्व
मित्रमित्रता
शत्रुशत्रुता
लुटेरालूट
शिशुशिशुता
प्रभुप्रभुता
विद्वानविद्वत्ता
वकीलवकालत
भाववाचक संज्ञा
(ii) सर्वनामों से भाववाचक संज्ञाएँ बनाना :
सर्वनामभाववाचक संज्ञा
ममममता
सर्वसर्वस्व
आपआपा
Bhav Vachak Sangya
सर्वनामभाववाचक संज्ञा
निजनिजता
अपनाअपनापन
परायापरायापन
Bhav Vachak Sangya
(iii) विशेषणों से भाववाचक संज्ञाएँ बनाना :
विशेषणभाववाचक संज्ञा
प्यासाप्यास
लोभीलोभ
समसमानता
विषमविषमता
आलसीआलस्य
युवायौवन
साफ़सफाई
पापीपाप
हराहरियाली
लम्बालम्बाई
स्वस्थस्वास्थ्य
Bhav Vachak Sangya
विशेषणभाववाचक संज्ञा
सुन्दरसुन्दरता
ठंडाठंडक
राष्ट्रीयराष्ट्रीयता
खट्टाखटास
निर्बलनिर्बलता
चतुरचतुरता
बुराबुराई
मधुरमधुरता
हीनहीनता
कायरकायरता
भयानकभय
Bhav Vachak Sangya
(iv) क्रियाओं से भाव वाचक संज्ञाएँ बनाना :
क्रियाभाववाचक संज्ञा
जीनाजीवन
थकनाथकावट
जलनाजलन
जागनाजाग
गिरनागिरावट
लिखनालिखावट
बचानाबचाव
सजानासजावट
चलनाचाल
खेलनाखेल
मारनामार
हँसनाहँसी
देखनादिखावा
लगनालगाव
Bhav Vachak Sangya
क्रियाभाववाचक संज्ञा
दौड़नादौड़
मिलनामिलाप
मरनामरण
सुननासुनवाई
सहजसहजता
सिलनासिलाई
माँगनामाँग
पूजनापूजा
उड़नाउड़ाना
चुननाचुनाव
खोजनाखोज
कहनाकहावत
बैठनाबैठक
बहनाबहाव
Bhav Vachak Sangya

अव्यय से भाववाचक संज्ञा बनाना –

परस्पर पारस्पर्य

समीप सामीप्य

विशिष्ट वैशिष्ट्य

पूर्ण पूर्णता

निकट नैकट्य

शाबाश शाबाशी

स्त्री स्त्रीत्व

देव देवत्व

पुरुष पुरुषत्व

बालक बालकपन

यह भी पढ़े – संज्ञा

संज्ञा के भेद | Sangya Ke Bhed –
1.व्यक्तिवाचक संज्ञा
2.जातिवाचक संज्ञा
3.भाववाचक संज्ञा

दोस्तो हमने इस आर्टिकल में Bhav Vachak Sangya in Hindi के साथ – साथ Bhav Vachak Sangya kise kahate hain, Bhav Vachak Sangya ki Paribhasha, Bhav Vachak Sangya ke bhed के बारे में पढ़ा। हमे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपको यहां Hindi Grammar के सभी टॉपिक उपलब्ध करवाए गए। जिनको पढ़कर आप हिंदी में अच्छी पकड़ बना सकते है।

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